Uncategorized

राजगढ़ जिले के सारंगपुर में बारिश में ईको कार उफनते नाले में बही , जिसमें सवार 11 लोगों में से 9 की मौत, 2 को बचाया गया

rjgrh van dube 21415 1786382927069

भोपाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए मजबूत मौसमी सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश में मानसून ने सोमवार को कहर बरपाया। रविवार रात से जारी तेज बारिश के चलते कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आ गए और सड़कों पर पानी भर गया। राजगढ़ जिले के पड़ाना कस्बे में सोमवार सुबह उफनते झिरी नाले को पार करने की कोशिश कर रही कार तेज बहाव में बह गई। हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं।

कार में कुल 11 लोग सवार थे। इनमें से दो लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि नौ लोग पानी के तेज बहाव में बह गए। करीब चार से पांच घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने सभी नौ शव बरामद कर लिए।

दर्शन और उपचार के लिए निकला था परिवार

जानकारी के अनुसार देवास जिले के धंसाड़ निवासी शंकरलाल अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ राजगढ़ के सारंगपुर स्थित कड़लावद धाम में दर्शन के लिए जा रहे थे। परिवार के साथ उनकी लकवा पीड़ित पत्नी के उपचार की भी योजना थी।

कार में तीन महिलाएं, चार बच्चे और चार पुरुष समेत कुल 11 लोग सवार थे। पड़ाना बायपास पहुंचने तक झिरी नाले का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा था। इसके बावजूद चालक ने कार को नाला पार कराने की कोशिश की।

जैसे ही कार तेज बहाव में पहुंची, वह अपना संतुलन खो बैठी और देखते ही देखते पानी के साथ बह गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत; दो को बचाया

rajgarh car bahi 21415 1786352022926 m

एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत

रेस्क्यू टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद पानी से नौ शव बाहर निकाले। मृतकों की पहचान शंकरलाल, उनकी पत्नी सागरबाई, बेटे विशाल, बहू पूजा, पोतियां वंशिका और महक, बेटी रीनाबाई तथा रीनाबाई के बच्चों जसप्रीत और रामवीर के रूप में हुई है। हादसे में दो लोग किसी तरह बच गए।

बाइक सवार दो युवक भी बहे, एक की मौत

राजगढ़ में बारिश के दौरान एक अन्य हादसा भी सामने आया। भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुमारा में पुलिया पार करते समय बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए।

एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि पाड़ाखाना निवासी कमल मालवीय की पानी में डूबने से मौत हो गई।

 

पुल पर पानी आने के बाद भी नहीं रोकी आवाजाही

पड़ाना हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुल पर बाढ़ का पानी चढ़ने के बावजूद वहां आवाजाही रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

स्थानीय लोगों के मुताबिक न तो रास्ते को पूरी तरह बंद किया गया और न ही पुलिसकर्मियों की तैनाती कर वाहनों को पुल पार करने से रोका गया। पुल पर सुरक्षा रेलिंग भी नहीं थी, जिससे वाहन चालकों को खतरे का अंदाजा लगाने में मुश्किल हो सकती थी।

हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।

CM ने आर्थिक सहायता का किया एलान

घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

लगातार बारिश के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियाओं पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

What's your reaction?

Related Posts

No Content Available
Epaper