सिमी से जुड़े सदस्य अब फिर से अपना नेटवर्क खड़ा करने में जुट गए हैं। इसके लिए इंटरनेट को अपना हथियार बना रहे है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से समूह बनाकर देशभर में आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों से संपर्क बना रखा है। इस बात का खुलासा खानशाहवली के अब्दुल रकीब कुरैशी के हाथ आने के बाद हुआ है। सिमी से जुड़ा रहा रकीब इंटरनेट के उपयोग का माहिर है। दरअसल, पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने सद्दाम और सईद अहमद को पकड़ा है। ये दोनों युवाओं में राष्ट्र-विरोधी भावनाओं को भड़काने का काम करते थे। इन्हीं से अब्दुल रकीब के जुड़े होने खुलासा हुआ है।
प्रतिबंधित सिमी संगठन से जुड़ा रहा खानशाहवली कालोनी निवासी अब्दुल रकीब पुत्र अब्दुल वकील कुरैशी गंजबाजार में सोला खोली में अपने भाई रसीद के साथ मैकेनिक और आटाेमोबाइल का धंधा कर रहा था। रकीब के साथ रसीद भी सिमी से जुड़ा रहा है। दोनों को सात साल की सजा हुई थी। वर्ष 2014 में दोनों जेल से छूटे थे। दरअसल, खंडवा सिमी का गढ़ रहा है। भाेपाल एनकाउंटर के बाद सिमी संगठन की जड़ें उखड़ गई थी। इससे जुड़े सदस्य भी अपनी जमीन तलाशने में लगे हुए थे।
मोबाइल से खुल सकते हैं कई राज

पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने अब्दुल रकीब का मोबाइल जब्त किया है। बताया जाता है कि रकीब के मोबाइल से उन चेहरों से भी नकाब हटेगा जो उससे जुड़े हुए हैं। पुलिस अब उसके मोबाइल की काल डिटेल के साथ ही इंटरनेट मीडिया का डाटा भी खंगाल रही है। इससे की उससे जुड़े और भी लोगों को पता चल सके। संभावना जताई जा रही है कि फिर से खंडवा आकर एसटीएफ अपनी कार्रवाई कर सकती है और भी लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
भाई ने अपहरण की शिकायत की
अब्दुल रकीब के भाई रशीद ने सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत की है। शिकायत में लिखा है कि उसके भाई अब्दुल रकीब कुरैशी का अपहरण किया गया है। उसे सिविल ड्रेस में आए चार से पांच लोग कार में बैठाकर ले गए। पुलिस अब इस मामले में उसके भाई के बयान भी दर्ज कर सकती है।
सेना की जानकारी जुटाने की दिलचस्पी
आरोपित अब्दुल रकीब कुरैशी इंटरनेट का मास्टर है। सिमी के मामले में गिरफ्तारी से पहले वह शहर के बांंबे बाजार क्षेत्र स्थित एक सायबर कैफे में यह घंटों बैठे रहता था। यहां वह अधिकांश समय सेना की वेबसाइट को खंगालता रहता था। उसकी सेना संबंधित जानकारी जुटाने में अधिक दिलचस्पी रही है। इसके चलते उस पर पुलिस की नजर थी।