फ़्लैश न्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशमेरा शहर

मौसम का मिजाज फ‍िर बदला, राजधानी भोपाल और सीहोर में तेज बारिश

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी, वर्षा होने के आसार हैं। उधर, गुरुवार को एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत को प्रभावित करने लगेगा। इन मौसम प्रणालियों के असर से गुरुवार से पूरे मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ वर्षा का सिलसिला शुरू हाेने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

(भोपाल) । मध्‍य प्रदेश में एक बार फ‍िर मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी भोपाल के साथ ही समीपवर्ती सीहोर जिले में बुधवार शाम तेज बारिश हुई। इसके साथ ही रायसेन जिले में बूंदाबांदी की सूचना है।

राजस्थान पर बना पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़कर वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश पर पहुंच गया है। एक प्रेरित चक्रवात अभी भी राजस्थान पर बन गया है। हवा का रुख भी अभी दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी बना हुआ है। अरब सागर से हवाओं के साथ नमी आने के कारण मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल बने हुए हैं।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी, वर्षा होने के आसार हैं। उधर, गुरुवार को एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत को प्रभावित करने लगेगा। इन मौसम प्रणालियों के असर से गुरुवार से पूरे मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ वर्षा का सिलसिला शुरू हाेने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को राजधानी भोपाल का न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। साथ ही यह मंगलवार के न्यूनतम तापमान 18.2 से 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा था। साथ ही यह सोमवार के अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस की तुलना में 0.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा था। सोमवार को मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान राजगढ़ में रिकार्ड हुआ था।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास ट्रफ के रूप में बना हुआ है। इसके असर से राजस्थान पर 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक प्रेरित चक्रवात अभी भी बना है। हवा का रुख भी अभी दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी बना हुआ है। हवाओं के साथ अरब सागर से कुछ नमी आने के कारण बादल छाने लगे हैं। साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने के आसार बने हुए हैं। मौसम का इस तरह का मिजाज 18 मार्च तक बना रहने का अनुमान है। गुरुवार से पूरे मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर शुरू होने के आसार हैं।

Related Posts

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *